🛕 जगन्नाथ रथ यात्रा 2025: जानिए तीनों रथों की खास बातें और पौराणिक रहस्य
जगन्नाथ रथ यात्रा न केवल भारत की, बल्कि पूरी दुनियाँ की सबसे भव्य और पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक है। हर साल ओडिशा के पुरी शहर में भगवान जगन्नाथ, उनकी बहन देवी सुभद्रा और भाई बलराम के लिए विशाल रथों का निर्माण होता है, जिन्हें भक्तजन खींचते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये तीनों रथ एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होते हैं – आकार, संरक्षक देवता, सारथी और यहां तक कि घोड़ों के रंगों तक में? इस ब्लॉग में हम आपको तीनों रथों की पूरी जानकारी देंगे, जो आपको न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से लाभ पहुंचाएगी। --- 🚩 1. भगवान जगन्नाथ का रथ – नंदीघोष पहियों की संख्या: 16 संरक्षक: गरुड़ सारथी: दारुक घोड़ों के नाम (सफेद रंग के): शंख, बलाहक, सुवेत्ता, हरिदश्व रथ की रस्सी का नाम: शंखचूड़ा नागिनी साथ देने वाले देवता: मदनमोहन ध्वज का नाम: त्रैलोक्यमोहिनी ऊंचाई: 44'2" चक्र की परिधि: 881 लंबाई और चौड़ाई: 34'6" x 34'6" --- 🌸 2. देवी सुभद्रा का रथ – दर्पदलना पहियों की संख्या: 12 संरक्षक: जयदुर्गा सारथी: अर्जुन घोड़ों के नाम (लाल रंग के): रोचिका, मोचिका, जीत, अपराजिता रथ की रस्...