जब इंसान का वक़्त अच्छा होता है, तब क्यों नहीं मिलता समय?
“जब इंसान का वक़्त अच्छा होता है ना, तो उसके पास सब कुछ होता है… सिवाए वक़्त के।” यह पंक्ति जीवन के सबसे गहरे विरोधाभास को उजागर करती है। अच्छे वक़्त में इंसान के पास पैसा, नाम, रिश्ते और अवसर सब होते हैं, लेकिन समय नहीं होता। यही समय की कमी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर जीवन का असली मूल्य क्या है। --- अच्छा वक़्त और समय की कमी: एक विरोधाभास अच्छे दौर में इंसान की ज़िंदगी व्यस्त हो जाती है। सफलता और अवसर जितने बढ़ते हैं, समय उतना ही घटता चला जाता है। लोग ज़्यादा मिलने लगते हैं। काम के अवसर बढ़ जाते हैं। समाज और परिवार की अपेक्षाएँ बढ़ती जाती हैं। यही कारण है कि इंसान के पास सब कुछ होते हुए भी समय सबसे बड़ी कमी बनकर सामने आता है। --- समय की कमी का असर 1. रिश्तों में दूरी समय की कमी के कारण परिवार और दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम नहीं मिल पाता। 2. आत्मचिंतन की कमी व्यस्तता में इंसान खुद से मिलने का समय ही नहीं निकाल पाता। 3. जीवन का अधूरा आनंद भौतिक सुविधाएँ होते हुए भी अंदर से खालीपन महसूस होता है। --- अच्छे वक़्त में समय कैसे निकाले? 1. प्राथमिकताएँ तय करें हर काम ज...