निज़ता की हिफ़ाज़त सोशल मीडिया पर खेल बन गई
डिजिटल युग में निज़ता (Privacy) सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। जहाँ इंटरनेट ने दुनिया को जोड़ने का काम किया, वहीं सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स ने इंसान की व्यक्तिगत जानकारी (Personal Data) को एक नए खतरे में डाल दिया है। अब सवाल यह है कि क्या निज़ता वाकई सुरक्षित है या यह केवल एक खेल बनकर रह गई है? सोशल मीडिया और निज़ता का संकट आज के समय में हर इंसान फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर (X), यूट्यूब जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स पर मौजूद है। लोग अपनी लोकेशन, फोटो, वीडियो और निजी विचार खुलेआम साझा करते हैं। सोशल मीडिया कंपनियाँ इन डाटा को AI और Algorithms की मदद से एनालाइज करती हैं। फिर इन्हीं डेटा का इस्तेमाल targeted ads, political campaigns और market research में किया जाता है। यानी, आपकी निज़ता अब व्यक्तिगत नहीं, बल्कि व्यवसायिक पूँजी (Commercial Asset) बन चुकी है। निज़ता क्यों बनी "खेल"? 1. खुद की लापरवाही – लोग अपनी निजी जानकारियाँ बिना सोचे-समझे साझा कर देते हैं। 2. कंपनियों की रणनीति – मुफ्त सेवा के नाम पर आपके डाटा का व्यापार। 3. सरकारी निगरानी – कई देशों में सुरक्षा के नाम पर नागरिक...