भगवान विष्णु के चरणों का महत्व – चरणारविन्द की अद्भुत महिमा
परिचय सनातन धर्म में भगवान विष्णु के चरणों को अत्यंत पूजनीय माना गया है। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि भगवान के पावों में ही स्वर्ग का वास है। भक्तजन अपने जीवन को सफल बनाने के लिए प्रभु के चरणारविन्दों की शरण में जाते हैं। लेकिन प्रश्न यह है कि भगवान विष्णु के चरणों का इतना महत्व क्यों है? आइए जानते हैं। --- चरणरज (चरणों की धूल) की महिमा भगवान विष्णु के चरणों की धूल पापों का नाश करती है। यह ऐसी दिव्य सुगंध बिखेरती है कि चंदन, अगरु और अन्य सुगंध भी इसके आगे फीकी पड़ जाती हैं। भक्त के हृदय में प्रभु के चरण बस जाने पर उसकी कीर्ति स्वतः फैलने लगती है। --- भगवान विष्णु के चरणों में अंकित दिव्य चिह्न 1. शंख का चिह्न शंख विजय का प्रतीक है। जिस भक्त के हृदय में भगवान के चरण बसते हैं, वह जीवन में हर प्रकार से विजयी होता है। 2. ऊर्ध्वरेखा का चिह्न यह निरंतर ऊँचाइयों की ओर बढ़ने का संकेत है। भगवान के चरणों का ध्यान करने वाला भक्त सदैव अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है। 3. राजा बलि का चिह्न यह चिह्न समर्पण और अहंकार-विनाश का प्रतीक है। भगवान ने वामन रूप में राजा बलि के मस्तक पर अपने चर...