प्यासे कौवे की कहानी – पंचतंत्र की एक प्रेरणादायक कहानी
कहानी का नाम: प्यासा कौआ
बहुत समय पहले की बात है, एक जंगल में एक कौआ रहता था। एक दिन, तेज गर्मी के कारण उसे बहुत प्यास लगी। वह पानी की तलाश में इधर-उधर उड़ने लगा। काफी समय तक उड़ने के बाद उसे एक मटका दिखाई दिया, जिसमें थोड़ा सा पानी था।
कौवे ने देखा कि उसका चोंच पानी तक नहीं पहुँच सकता था। लेकिन वह बहुत चालाक था। उसने जल्दी से सोचा और एक उपाय निकाला। उसने पास-पास कुछ पत्थर उठाए और मटके में डाल दिए। जैसे-जैसे वह पत्थर मटके में गिरते गए, पानी धीरे-धीरे ऊपर आने लगा। अंत में पानी इतना ऊपर आ गया कि कौआ आसानी से पानी पी सकता था। उसने खुशी-खुशी पानी पिया और ताजगी महसूस की।
कौवा अपने कार्य से बहुत खुश हुआ और उड़कर वहां से चला गया।
नैतिक शिक्षा:
इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि बुद्धिमानी और सोच-विचार से किसी भी समस्या का हल निकाला जा सकता है। "बुद्धि से किसी भी कठिनाई को आसान किया जा सकता है।"
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कहानी का महत्व और उपयोग
यह कहानी बच्चों को सिखाती है कि सोच और समझ से हम किसी भी मुश्किल को हल कर सकते हैं। पंचतंत्र की यह कहानी न केवल बच्चों के मनोरंजन के लिए है, बल्कि यह उन्हें जीवन के महत्वपूर्ण पाठ भी देती है। इस तरह की नैतिक कहानियाँ बच्चों के विकास के लिए अत्यधिक लाभकारी हैं।
अंतिम शब्द:
पंचतंत्र की इस प्रकार की कहानियाँ हमेशा हमारे जीवन में महत्वपूर्ण संदेश देती हैं। ऐसे ब्लॉग्स बच्चों को न केवल मजेदार कहानियाँ सुनने का मौका देते हैं, बल्कि उन्हें सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित भी करते हैं।
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