संगठन में शक्ति: एकता की ताकत
एक समय की बात है, एक बूढ़े किसान के चार बेटे थे, जो हमेशा आपस में लड़ते रहते थे। किसान ने उन्हें बार-बार समझाया कि आपस में लड़ाई नहीं करनी चाहिए, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं मानी। एक दिन किसान बीमार हो गए और उन्होंने अपने बेटों को बुलाया।
उन्होंने अपने बेटों को एक बंडल (गुच्छा) में बंधे हुए लकड़ी के लकड़ी के टुकड़े दिए और कहा, "इन्हें तोड़कर दिखाओ।" सभी बेटों ने कोशिश की, लेकिन कोई भी उस बंडल को नहीं तोड़ पाया। फिर किसान ने उन्हें कहा, "अब इस बंडल को खोलकर लकड़ियों को एक-एक करके तोड़ो।" इस बार, बेटों ने बहुत आसानी से एक-एक लकड़ी को तोड़ दिया।
तब किसान ने कहा, "देखो, अगर तुम लोग इस बंडल की तरह एकजुट रहोगे, तो कोई तुम्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकेगा। लेकिन अगर तुम एक-दूसरे से लड़ोगे और अलग-अलग रहोगे, तो तुम्हारा तोड़ना आसान होगा।"
इस घटना से बेटों ने यह सिखा कि एकता में शक्ति होती है। वे सभी कभी नहीं लड़े और किसान खुशी-खुशी रहे।
सीख: संगठन में एकता ही सफलता की कुंजी है। अगर टीम एकजुट रहे, तो कोई भी समस्या बड़ी नहीं होती।
संगठन में एकता, टीमवर्क और सहयोग की शक्ति किसी भी चुनौती को पार कर सकती है। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि किसी भी सफल संगठन में सहयोग, सामूहिक कार्य और एकजुटता जरूरी हैं।
Comments
Post a Comment