चतुर बिस्तर का कीड़ा – पंचतंत्र की कहानी
पंचतंत्र की कहानी हमेशा हमें जीवन के महत्वपूर्ण सिद्धांतों के बारे में सिखातीं हैं। आज हम एक ऐसी कहानी के बारे में जानेंगे जो हमें विश्वास, चतुराई और समझदारी के महत्व के बारे में बतातीं हैं।
कहानी:
एक बार एक राजा के शयनकक्ष में एक लाउस (चूहे) रहता था, जो हर रात राजा का खून चूसता था। लाउस का जीवन शांतिपूर्वक चल रहा था, जब तक एक दिन बिस्तर का कीड़ा वहां आकर बस नहीं गया। लाउस ने बिस्तर के कीड़े से कहा कि वह वहां से चला जाए, लेकिन बिस्तर का कीड़ा बड़ा चतुर था। उसने लाउस को अपनी चतुराई से यह समझाया कि वह वहां बने रह सकता है, और लाउस को अपने साथ रहने के लिए राजी कर लिया।
कुछ समय बाद, राजा को बिस्तर के कीड़े और लाउस की वजह से काटने का अहसास हुआ। राजा ने अपने सेवकों को आदेश दिया कि वे उस प्राणी को पकड़ें और मार डालें, जो उसे परेशान कर रहा था। सेवकों ने लाउस को पकड़ लिया, लेकिन बिस्तर का कीड़ा अपनी चतुराई से बच निकला।
सीख:
इस कहानी से हमें यह महत्वपूर्ण शिक्षा मिलती है कि:
1. चालाक और समझदार लोग अक्सर अपने आसपास के मुश्किल हालात से बाहर निकलने का तरीका ढूंढ लेते हैं। बिस्तर का कीड़ा अपनी चतुराई के कारण बच निकला।
2. कभी-कभी हमें अपने विश्वास को मजबूत करना चाहिए, लेकिन हमें उन लोगों से भी सावधान रहना चाहिए जो हमें धोखा दे सकते हैं। बिस्तर के कीड़े ने लाउस को धोखा दिया और उसे खतरे में डाल दिया।
निष्कर्ष:
यह कहानी हमें यह सिखाती है कि जीवन में समझदारी और चतुराई का महत्वपूर्ण स्थान है। हम कभी-कभी अपने कार्यों में दूसरों के प्रति ज्यादा विश्वास कर लेते हैं, लेकिन हमें यह याद रखना चाहिए कि दुनिया में कुछ लोग अपनी चतुराई से हमें धोखा भी दे सकते हैं।
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