महाकुंभ 2025: शाही स्नान की तिथियां और उनका धार्मिक महत्व
महाकुंभ 2025 के शाही स्नान की तिथियां
महाकुंभ 2025 में कुल 6 शाही स्नान होंगे, जो इस प्रकार हैं:
शाही स्नान का महत्व
1. पौष पूर्णिमा (13 जनवरी 2025)
यह महाकुंभ का पहला प्रमुख स्नान है। इस दिन से कल्पवास (नदी किनारे रहकर तपस्या) की शुरुआत होती है।
2. मकर संक्रांति (14 जनवरी 2025)
मकर संक्रांति पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। इस दिन गंगा स्नान से मोक्ष और पवित्रता की प्राप्ति होती है।
3. मौनी अमावस्या (29 जनवरी 2025)
इसे महाकुंभ का सबसे महत्वपूर्ण स्नान माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से सभी पापों का नाश होता है।
4. बसंत पंचमी (3 फरवरी 2025)
बसंत पंचमी ज्ञान और विद्या की देवी सरस्वती का दिन है। इस दिन स्नान से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
5. माघ पूर्णिमा (12 फरवरी 2025)
यह दिन धार्मिक अनुष्ठानों और दान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। गंगा स्नान से जीवन के दुखों का निवारण होता है।
6. महाशिवरात्रि (26 फरवरी 2025)
भगवान शिव को समर्पित इस दिन गंगा स्नान और शिव पूजा से व्यक्ति को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
महाकुंभ में शाही स्नान की परंपरा
शाही स्नान महाकुंभ का मुख्य आकर्षण है। इसमें अखाड़ों के संत, महंत, और नागा साधु एक विशेष क्रम में स्नान करते हैं। यह परंपरा हिंदू धर्म की दिव्यता और अखाड़ों की महिमा को दर्शाती है।
महाकुंभ 2025 में शाही स्नान का आध्यात्मिक लाभ
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