"ओएनडीसी: ई-कॉमर्स में क्रांति लाने वाली भारत सरकार की नई पहल"
ओएनडीसी (ONDC) का पूरा नाम "ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स" है। यह भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है, जिसका उद्देश्य डिजिटल कॉमर्स में एक ओपन और समावेशी नेटवर्क बनाना है। इसे डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के तहत विकसित किया गया है।
उद्देश्य:
1. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को लोकतांत्रिक बनाना: यह अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर निर्भरता को कम करने के लिए छोटे और मध्यम व्यापारियों को एक समान मंच प्रदान करता है।
2. विक्रेताओं और खरीदारों को जोड़ना: ओएनडीसी का लक्ष्य यह है कि विक्रेता और खरीदार एक साझा नेटवर्क पर स्वतंत्र रूप से व्यापार कर सकें, चाहे वे किसी भी प्लेटफॉर्म पर हों।
3. व्यापार में निष्पक्षता: छोटे और स्थानीय व्यापारियों को बड़े प्लेटफॉर्म की प्रतिस्पर्धा में मदद करना।
4. सस्ते और बेहतर विकल्प: ग्राहकों को किफायती दामों पर अधिक विकल्प उपलब्ध कराना।
ओएनडीसी कैसे काम करता है?
यह एक ओपन-सोर्स नेटवर्क है, जिसमें कोई भी विक्रेता या सेवा प्रदाता शामिल हो सकता है।
ग्राहक अपनी पसंदीदा एप्लिकेशन का उपयोग करके ओएनडीसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सामान और सेवाओं की खरीद कर सकते हैं।
यह एक डिसेंट्रलाइज्ड नेटवर्क है, यानी इसमें कोई भी केंद्रीय प्राधिकरण नहीं होता।
लाभ:
1. छोटे व्यापारियों को बढ़ावा: छोटे व्यवसाय और स्टार्टअप आसानी से अपने उत्पाद और सेवाएं बेच सकते हैं।
2. ग्राहकों को अधिक विकल्प: ग्राहक को विभिन्न विक्रेताओं और प्लेटफार्मों से चुनने की सुविधा मिलती है।
3. न्यूनतम लागत: व्यापारियों को भारी कमीशन देने की आवश्यकता नहीं होती, जो अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर आम है।
4. डिजिटल समावेशन: ग्रामीण और छोटे शहरों के व्यापारियों को भी डिजिटल कॉमर्स से जोड़ने का प्रयास।
कब शुरू हुआ?
ओएनडीसी को डिजिटल इंडिया मिशन के तहत अप्रैल 2022 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च किया गया था और अब यह धीरे-धीरे पूरे देश में विस्तार कर रहा है।
किन क्षेत्रों में उपयोग?
रिटेल
खाद्य और पेय पदार्थ
फैशन
फार्मेसी
किराना सामान
लॉजिस्टिक्स
संक्षेप में, ओएनडीसी एक क्रांतिकारी पहल है जो ई-कॉमर्स को छोटे व्यापारियों और ग्राहकों के लिए अधिक समावेशी और किफायती बनाना चाहती है।
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