सनातनी 15 मंत्र: हर सनातनी को सीखना और बच्चों को सिखाना चाहिए
1. महादेव मंत्र – महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे,
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्,
उर्वारुकमिव बन्धनान्,
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् !!
➤ यह मंत्र मृत्यु के भय से मुक्ति दिलाने वाला और आरोग्यता प्रदान करने वाला है।
2. श्री गणेश मंत्र – विघ्नहर्ता मंत्र
वक्रतुंड महाकाय,
सूर्य कोटि समप्रभ
निर्विघ्नं कुरू मे देव,
सर्वकार्येषु सर्वदा !!
➤ किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले इस मंत्र का जाप करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं।
3. श्री हरि विष्णु मंत्र – मंगल मंत्र
मङ्गलम् भगवान विष्णुः,
मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः,
मङ्गलाय तनो हरिः॥
➤ यह मंत्र भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावी है।
4. श्री ब्रह्मा मंत्र – सृष्टि के रचयिता का मंत्र
ॐ नमस्ते परमं ब्रह्मा,
नमस्ते परमात्ने।
निर्गुणाय नमस्तुभ्यं,
सदुयाय नमो नमः।
➤ यह मंत्र ज्ञान, सृजन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
5. श्री कृष्ण मंत्र – जगद्गुरु का मंत्र
वसुदेवसुतं देवं,
कंसचाणूरमर्दनम्।
देवकी परमानन्दं,
कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम॥
➤ भगवान श्रीकृष्ण का यह मंत्र भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान को जागृत करता है।
6. श्री राम मंत्र – मर्यादा पुरुषोत्तम का मंत्र
श्री रामाय रामभद्राय,
रामचन्द्राय वेधसे।
रघुनाथाय नाथाय,
सीताया पतये नमः॥
➤ यह मंत्र भगवान श्रीराम की कृपा और धर्म का पालन करने की प्रेरणा देता है।
7. माँ दुर्गा मंत्र – शक्ति का मंत्र
ॐ जयंती मंगला काली,
भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री,
स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥
➤ यह मंत्र माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करने और सभी नकारात्मक शक्तियों से रक्षा के लिए है।
8. माँ लक्ष्मी मंत्र – धन और समृद्धि का मंत्र
ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो,
धन धान्यः सुतान्वितः।
मनुष्यो मत्प्रसादेन,
भविष्यति न संशयः॥
➤ यह मंत्र समृद्धि और आर्थिक उन्नति के लिए अत्यंत प्रभावी है।
9. माँ सरस्वती मंत्र – विद्या और बुद्धि का मंत्र
ॐ सरस्वति नमस्तुभ्यं,
वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि,
सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
➤ यह मंत्र विद्यार्थियों और ज्ञान seekers के लिए अत्यंत लाभकारी है।
10. माँ काली मंत्र – भय और शत्रु नाशक मंत्र
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं,
हलीं ह्रीं खं स्फोटय,
क्रीं क्रीं क्रीं फट॥
➤ यह मंत्र नकारात्मक शक्तियों से बचाने और शत्रु नाश के लिए उपयोगी है।
11. श्री हनुमान मंत्र – संकटमोचक मंत्र
मनोजवं मारुततुल्यवेगं,
जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं,
श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
➤ यह मंत्र बल, बुद्धि और आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए अत्यंत प्रभावी है।
12. श्री शनिदेव मंत्र – दोष निवारण मंत्र
ॐ नीलांजनसमाभासं,
रविपुत्रं यमाग्रजम्।
छायामार्तण्डसम्भूतं,
तं नमामि शनैश्चरम्॥
➤ यह मंत्र शनि ग्रह के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
13. श्री कार्तिकेय मंत्र – विजय और ज्ञान का मंत्र
ॐ शारवाना-भावाया नमः,
ज्ञानशक्तिधरा स्कंदा,
वल्लीईकल्याणा सुंदरा।
➤ यह मंत्र युद्ध में विजय और बुद्धि को जागृत करने के लिए है।
14. काल भैरव मंत्र – संकट नाशक मंत्र
ॐ ह्रीं वां बटुकाये,
क्षौं क्षौं आपदुद्धाराणाये॥
➤ यह मंत्र सभी प्रकार के संकटों से रक्षा करता है।
15. गायत्री मंत्र – सर्वश्रेष्ठ मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः,
तत्सवितुर्वरेण्यम्
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्॥
➤ यह मंत्र सर्वश्रेष्ठ और संपूर्ण मंगलकारी है।
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