भारत को जम्बूद्वीप क्यों कहा जाता है? (Jambudweep: The Ancient Name of India)



भारत: जम्बूद्वीप का गौरवशाली इतिहास

भारत को प्राचीन काल से जम्बूद्वीप कहा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का यह नाम क्यों पड़ा? दरअसल, जम्बूद्वीप एक पौराणिक और ऐतिहासिक संज्ञा है, जो भारत और उसके आसपास के भूभाग को संदर्भित करती है। यह नाम मुख्य रूप से हिंदू धर्मग्रंथों, पुराणों और ऐतिहासिक शिलालेखों में उल्लेखित है।

जम्बूद्वीप का अर्थ और महत्व (Meaning of Jambudweep)

संस्कृत में जम्बूद्वीप का अर्थ है "वह भूमि जहाँ जंबू (जामुन) के वृक्ष प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।" प्राचीन काल में भारत के इस विशाल भूभाग में जामुन के वृक्ष बहुतायत में होते थे, इसलिए इसे जम्बूद्वीप कहा गया।

जम्बूद्वीप: ऐतिहासिक और पौराणिक संदर्भ (Jambudweep in Ancient Texts)

विष्णु पुराण में उल्लेख है कि जम्बूद्वीप के मध्य भाग में मेरु पर्वत स्थित था, और इसी के चारों ओर अन्य भूभाग फैले हुए थे।

रामायण और महाभारत में भी जम्बूद्वीप का उल्लेख मिलता है।

सम्राट अशोक ने अपने शिलालेखों में भी भारत को जम्बूद्वीप कहा है।

मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, जम्बूद्वीप उत्तर और दक्षिण में संकरा और मध्य भाग में विस्तृत था।


जम्बूद्वीप की विशेषताएँ (Special Features of Jambudweep)

यह सुदर्शन द्वीप के रूप में भी जाना जाता था।

यहाँ अनेक नदियाँ, पर्वत, और घने जंगल थे, जो इसे प्राकृतिक रूप से समृद्ध बनाते थे।

इस भूभाग में ही आर्यावर्त, भारतवर्ष और भारतखंड स्थित थे।

पूजा-पाठ के मंत्रों में "जम्बूद्वीपे, आर्याव्रते, भारतखंडे" का उच्चारण किया जाता है।


जम्बूद्वीप के भूभाग (Geographical Divisions of Jambudweep)

पुराणों के अनुसार, जम्बूद्वीप को नौ खंडों में विभाजित किया गया था:

1. इलावृत


2. भद्राश्व


3. किंपुरुष


4. भारत (आज का भारत)


5. हरि


6. केतुमाल


7. रम्यक


8. कुरु


9. हिरण्यमय



जम्बूद्वीप के प्रमुख पर्वत (Mountains in Jambudweep)

इस पौराणिक भूभाग में छह प्रमुख पर्वत थे:

1. हिमवान (हिमालय)


2. हेमकूट


3. निषध


4. नील


5. श्वेत


6. श्रृंगवान



जम्बूद्वीप: भारत का वैभव (Why India is Called Jambudweep?)

भारत को जम्बूद्वीप कहे जाने के पीछे न केवल ऐतिहासिक बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक कारण भी हैं।

भारत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का केंद्र रहा है।

यह भूमि ऋषि-मुनियों, योगियों और संतों की तपस्या स्थली रही है।

भारत की जलवायु और भौगोलिक विविधता इसे अद्वितीय बनाती है।

सनातन धर्म, वेद, उपनिषद और पुराणों का जन्म यहीं हुआ।


निष्कर्ष (Conclusion)

भारत को जम्बूद्वीप कहा जाना केवल एक नाम नहीं बल्कि हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रमाण है। यह नाम हमें हमारे गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है और इस पवित्र भूमि की महिमा को दर्शाता है।

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