रूइबॉस चाय: सस्ती हर्बल टी जो सूजन कम करे और पाचन तंत्र को मज़बूत बनाए
प्रस्तावना
आजकल दुनिया भर में लोग गट हेल्थ (Gut Health) और सूजन (Inflammation) से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं। ऐसे में एक हर्बल चाय — रूइबॉस (Rooibos Tea) — तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह दक्षिण अफ्रीका की पारंपरिक चाय है, जिसमें कैफीन नहीं होता और इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफेनॉल शरीर को कई तरह से लाभ पहुँचाते हैं।
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रूइबॉस चाय क्या है?
यह Aspalathus linearis नामक पौधे की पत्तियों से बनती है।
यह केवल दक्षिण अफ्रीका के वेस्टर्न केप (Western Cape) के Cederberg पर्वतीय क्षेत्र में उगती है।
पारंपरिक रूप से इसे वहाँ के Khoisan समुदाय द्वारा हर्बल टी के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है।
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ग्रीन और रेड रूइबॉस – क्या फर्क है?
1. ग्रीन रूइबॉस (Unfermented)
कम प्रोसेस होती है।
इसमें Aspalathin नामक पॉलीफेनॉल ज़्यादा होता है।
यह आंतों की दीवार (gut barrier) को मज़बूत करता है और लीकी गट (Leaky Gut) से बचाता है।
2. रेड रूइबॉस (Fermented)
अधिकतर लोग यही पीते हैं।
यह शरीर में सूजन कम करने में मदद करता है।
वैज्ञानिक रिसर्च बताती है कि यह दवाइयों जैसे स्टेरॉइड (जैसे Dexamethasone) जितना असरदार हो सकता है।
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स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits of Rooibos Tea)
सूजन कम करे: शरीर में जलन, दर्द और लालिमा घटाए।
गट हेल्थ बेहतर बनाए: पाचन तंत्र को मज़बूत रखे और कब्ज/अपच में मदद करे।
ब्लड शुगर संतुलित करे: डायबिटीज़ मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
दिल और लीवर की रक्षा करे: एंटीऑक्सीडेंट्स से अंगों की सुरक्षा।
त्वचा के लिए उपयोगी: एंटी-एजिंग और स्किन हेल्थ को सपोर्ट करे।
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क्यों है यह ग्लोबली ट्रेंडिंग?
आज दुनिया की 40% से ज्यादा आबादी पाचन संबंधी समस्याओं (IBS, कब्ज, गैस्ट्रिक) से जूझ रही है।
Gut health और herbal tea गूगल पर तेजी से सर्च हो रहे विषय हैं।
लोग कैफीन-फ्री और नेचुरल विकल्प ढूँढ रहे हैं।
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रोज़ाना कितनी मात्रा में पिएँ?
सामान्य व्यक्ति 2–3 कप प्रतिदिन ले सकता है।
डायबिटीज़, लिवर या किसी गंभीर रोग में डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
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निष्कर्ष
रूइबॉस चाय न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि यह पाचन तंत्र को मज़बूत करने और शरीर में सूजन घटाने का किफायती और सुरक्षित तरीका है।
ग्रीन रूइबॉस आंत की दीवार को मज़बूत करता है और रेड रूइबॉस सूजन घटाता है। अगर आप गट हेल्थ को सुधारना चाहते हैं तो अपनी डाइट में इसे ज़रूर शामिल करें।
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